प्यासी मालकिन और नौकरानी की एक साथ चुदाई- 4 — Hindi audio kahani
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प्यासी मालकिन और नौकरानी की एक साथ चुदाई- 4

Mohabbat ki kahani

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कहानी के बारे में

प्यासी मालकिन और नौकरानी की एक साथ चुदाई- 4 2 गर्ल्स फकिंग स्टोरी में मैं एक अमीर भाभी को लंड का मजा द...

📖 Padho — Poori Kahani

प्यासी मालकिन और नौकरानी की एक साथ चुदाई- 4 2 गर्ल्स फकिंग स्टोरी में मैं एक अमीर भाभी को लंड का मजा देने उसके घर में रुका हुआ था. उसकी सेक्सी जवान नौकरानी भी हमारे साथ सेक्स में शामिल थी. पाठको और पाठिकाओ … मैं जैक एक बार पुनः आपकी सेवा में अपनी सेक्स कहानी का यह भाग लेकर हाजिर हूँ. कहानी के तीसरे भाग मालकिन नौकरानी के साथ ग्रुप सेक्स में अब तक आपने पढ़ा था कि हम तीनों बाथरूम में थे. अब आगे 2 गर्ल्स फकिंग स्टोरी: थोड़ी देर में मैं, कामिनी और संजना एक साथ नहाए. संजना ने बेड की चादर बदली. हमने नाइट कपड़े पहने और एक साथ तीनों एक ही बेड पर सो गए. हम तीनों को आराम की सख्त जरूरत थी. हम लोग करीब पांच बजे सोए थे. नौ बजे मेरी आंख खुली तो संजना कमरे में नहीं थी. कामिनी मेरे ऊपर पैर डालकर सो रही थी. आज शनिवार का दिन था. हम तो सोने के पहले नहा चुके थे लेकिन मुझे दुबारा नहाने का मन हुआ. पूरा शरीर भारी लग रहा था और लंड में दर्द हो रहा था. मैंने ब्रश किया, नहाया और हॉल में आकर बैठ गया. कामिनी अभी भी सो रही थी. इतने में संजना मेरे पास आई. उसने मुझे ब्रेड ऑमलेट दिया और उसने थोड़ी देर बाद कॉफी लाकर दी. मैंने संजना का हाथ पकड़ा और बैठने के लिए कहा. संजना वहीं बैठ गई. मैंने संजना को गोल्डन शॉवर के लिए सॉरी कहा. संजना बोल पड़ी- बहुत बुरे इंसान हो आप, ऐसा कोई करता है क्या? पता है, सुबह मुझे रगड़-रगड़कर नहाना पड़ा. बदबू जा नहीं रही थी लेकिन मुझे अच्छा लगा … और आपके साथ की कल की रात मैं नहीं भूलूँगी. मेरी जिंदगी का कल का अनुभव सबसे बढ़िया था. मेरी चूत अभी तक दर्द कर रही है. दीदी का न जाने क्या हाल होगा? आपने तो उनको आगे और पीछे दोनों तरफ से निचोड़ दिया. अब आपको गेस्ट हाउस में जाना होगा. पूजा कभी भी आ सकती है. मुझसे रहा नहीं गया, इसलिए मैंने संजना से पूजा के बारे में पूछ ही लिया- एक बात बताओ, पूजा रात भर घर के बाहर थी. कामिनी को कोई टेंशन नहीं दिखी? क्या पूजा भी बाहर कुछ करवाती है? संजना- नहीं, ऐसा कुछ नहीं है. उसकी सहेलियां हैं, जो हमेशा पार्टी करती हैं. वह कभी मुंबई घूमने जाती है, कभी लोनावला, कभी महाबलेश्वर. हफ्ते में एक दिन तो जाती ही जाती है. ‘अरे, तो लड़के भी होंगे साथ में? क्या वह भी कहीं तुम दोनों जैसी मस्ती नहीं करती?’ संजना- इतना तो मुझे नहीं पता, लेकिन मुझे नहीं लगता ऐसा कुछ होगा...