खूबसूरत अकेली भाभी ने चूत दी — Hindi audio kahani
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खूबसूरत अकेली भाभी ने चूत दी

Pados ki bhabhi ka raaz

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कहानी के बारे में

खूबसूरत अकेली भाभी ने चूत दी हॉट भाभी फक स्टोरी में एक...

📖 Padho — Poori Kahani

एक पार्क के पास बहुत सारी आलिशान कोठियां थी. मैं पार्क में बैठा था तो एक बालकनी में एक भाभी दिखाई दी जो मस्त माल थी. मैं उनको ताकता रहा. पिछले महीने की बात है, जब मैंने रेखा को पहली बार अपनी बाहों में लिया और करीब दो घंटे तक हमने पूरा एंजॉय किया। मैं एक प्राइवेट कंपनी में मार्केटिंग का काम करता हूँ। मैं बैंगलोर के सबसे अच्छे इलाके के एक पार्क में रोज लंच करने के लिए बैठा करता था और मोबाइल चलाया करता था। वहाँ मेरे एक से दो घंटे जरूर बीतते थे। जहाँ पर पार्क है, उसके आस-पास काफी बड़ी-बड़ी अमीर लोगों की कोठियाँ बनी हुई हैं। एक दिन यह हॉट भाभी फक स्टोरी तब बननी शुरू हुई जब मैं लंच करके अपने मोबाइल में ऐसे ही वीडियोज़ देख रहा था। तभी मेरी नज़र एक घर में गई जहाँ बालकनी में एक लेडी बैठी हुई थी। वह अपने फोन पर किसी से बात कर रही थी। मैं तो उस लेडी को देखते ही बस देखता ही रहा! वो कितनी खूबसूरत है यार! देखकर उसकी उम्र करीब 40 की लग रही थी। फेस कटिंग उसकी परफेक्ट और गोरी थी। मैं तो चोरी-चोरी उसे ही देख रहा था। फिर थोड़ी देर बाद वह खड़ी हुई और इधर-उधर घूमकर फोन पर बात करने लगी। उसकी हाइट करीब 5’6″ होगी और उसका बॉडी शेप भी एकदम जैसे जवान लड़की का हो। उसका बदन एकदम भरा हुआ था; नीचे से चूतड़ बड़े, कमर 30 की होगी और फिर ऊपर के बूब्स का साइज़ भी 34 के करीब होगा। मैं तो बस उसे ही देख रहा था। उसे देखने का कार्यकाल करीब 1 घंटे तक चला, फिर वह अंदर चली गई और मैं भी वहाँ से चला गया। अब मैं रोज़ वहाँ आकर बस उस घर की तरफ देखता रहता था चोरी-चोरी। करीब 5 से 6 दिन बाद भी जब वह मुझे नहीं दिखी तो फिर मैंने उम्मीद छोड़ दी कि वह फिर कभी दिखेगी। फिर एक दिन मैं अपना टाइम पूरा करके बस निकलने ही वाला था कि वह खुद पार्क में आकर मेरे सामने वाले चेयर सेट पर बैठ गई। “आज बड़ी जल्दी जा रहे हो, कहीं जाना है क्या?” मैं तो अंदर से खुश भी हुआ और घबरा भी गया कि ये तो आज गजब हो गया! मैंने सकपकाते हुए बोला, “नहीं कहीं नहीं जाना बस, ऐसे ही।” फिर वह बोली, “बैठो, तुमसे कुछ बात करनी है।” मैं सच बताऊं तो डर गया कि क्या बात करेगी… और फिर मैं बैठ गया और बोला, “जी कहिए?” वह बोली, “तुम यहाँ रोज़ लंच करने आते हो?” मैंने बोला, “जी हाँ।” “क्या काम करते हो?” मैंने अपने बारे में बताया। उसने बहुत कुछ पूछा और मैंने सबका जवाब दिया। फिर वह बोली, ...