मकान मालिक की गर्म बेटी की चूत का मजा- 1 — Hindi audio kahani
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मकान मालिक की गर्म बेटी की चूत का मजा- 1

Pyaar aur junoon

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कहानी के बारे में

मकान मालिक की गर्म बेटी की चूत का मजा- 1 यंग देसी गर्ल X कहानी में मैंने पढ़ाई के लिए किराये का कमरा लिया तो मालिक की बेटी मेरी दोस्त बन गयी....

📖 Padho — Poori Kahani

मकान मालिक की गर्म बेटी की चूत का मजा- 1 यंग देसी गर्ल X कहानी में मैंने पढ़ाई के लिए किराये का कमरा लिया तो मालिक की बेटी मेरी दोस्त बन गयी. वह अपने बॉयफ्रेंड से चुदती थी. एक रात वह कंडोम लेकर मेरे पास आई. दोस्तो, आप सबको मेरा प्रणाम. मैं आपका अपना अभिषेक आज अपनी सच्ची यंग देसी गर्ल X कहानी लेकर आया हूँ, जो जून 2022 से शुरू हुई थी. उस समय मैं 22 साल का था. मेरा शरीर मीडियम ही है, बस जिम जाता हूँ तो थोड़ा मजबूत हूँ. मेरा लंड भी 6 इंच का मीडियम साइज का है. मैं जबलपुर शहर में अपनी आगे की पढ़ाई करने आया था. मेरे एक खास रिश्तेदार ने ही अपने दूर के रिश्तेदार का परिचय कराकर भेजा ताकि मुझे उनके यहां किराए पर कमरा मिल जाए. मैं अपना सामान लेकर सीधा उन मकान मालिक के पास आ गया जो बहुत दूर के रिश्ते में मेरी दादी लगती थीं. मैं उनके घर पहुंचा तो जो दूर के रिश्ते में दादा लगते थे. उन्हें देखा तो वह मुझे 50-55 साल के आसपास के लगे. मैंने उन्हें अंकल बोलना ही ठीक समझा. अंकल पुलिस में जॉब करते थे. मैंने उन्हें प्रणाम किया और अपने उस रिश्तेदार के बारे में बताया, जिन्होंने मुझे उनका नंबर दिया था. अंकल बोले- अच्छा बेटा आओ अन्दर! तब अंकल अकेले ही थे. उनका घर काफी बड़ा था, जिसमें पहले से ही दो किरायेदार रह रहे थे. वे भी मेरी तरह यहां रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे थे. उनके घर में वह अपनी फैमिली के साथ आगे की तरफ रहते थे और किरायेदारों के लिए पीछे बने तीन कमरे किराए पर दिए हुए थे. उन्होंने मुझे कमरा दिखाया तो मुझे भी कमरा सही लगा. मैं अपने कमरे में साफ-सफाई करके सामान जमाने लगा. शाम तक मेरी पूरी शिफ्टिंग हो गई. तभी आगे से नीचे एक महिला की आवाज सुनाई दी, जो इस घर की मकान मालकिन थीं. उन्होंने बुलाया- अभिषेक शाम का खाना यहीं खा लेना बेटा! मैं बोला- ठीक है आंटी! आंटी बोलीं- आ जाओ! मैं उनके यहां पहुंचा तो कमरे में पहले से अंकल और एक लड़की खाना खाने के लिए बैठी हुई थी. फिर आंटी ने मुझे भी नीचे अंकल के पास बैठने को बोला. अंकल ने बात शुरू करते हुए पूछा- कोई दिक्कत तो नहीं हुई बेटा? मैं बोला- नहीं अंकल! अंकल बोले- ठीक है आराम से रहो. तुम्हारे पापा का भी कॉल आया था कि बेटे का ध्यान रखना. तभी आंटी बोलीं- और क्या कर रहे हो बेटा यहां जबलपुर में? मैं बोला- आंटी, एमटेक करने आया हूँ! आंटी बोलीं- बढ़िया है. उन्होंन...