रिश्तेदारी में आयी लड़की की चुदाई — Hindi audio kahani
Desi

रिश्तेदारी में आयी लड़की की चुदाई

Ek khaas raat

0:00 0:00
Speed:

कहानी के बारे में

यंग सेक्स गर्ल स्टोरी में मेरी मौसी की पोती हमारे घर रह कर पढ़ रही थी. वह पड़ोस के एक लड़के से चुद गयी तो मैंने भी उसकी चूत का मजा लेने का सोचा...

📖 Padho — Poori Kahani

यंग सेक्स गर्ल स्टोरी में मेरी मौसी की पोती हमारे घर रह कर पढ़ रही थी. वह पड़ोस के एक लड़के से चुद गयी तो मैंने भी उसकी चूत का मजा लेने का सोचा. नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम मंगल है. मेरी उम्र 19 साल है और मैं उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले का रहने वाला हूँ. मैं हिंदी सेक्स स्टोरी का नियमित पाठक हूँ. यह यंग सेक्स गर्ल स्टोरी उन दिनों की है, जब लॉकडाउन चल रहा था. लॉकडाउन में पढ़ाई के लिए हमारी मौसी की पोती हमारे घर रहने आई. वह देखने में बहुत ही खूबसूरत थी और उसकी उम्र 18 साल की थी. वह देखने में किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी. जब वह पहली बार मेरे घर आई तो मैंने मन ही मन उसे चोदने का फैसला कर लिया था. पहले तो मुझे उससे कुछ कहने की हिम्मत नहीं हुई. लेकिन कुछ दिनों बाद मौका मिल गया. कुछ दिनों में ही वह परिवार से घुल-मिल गई थी और घर के सारे कामकाज में हाथ बंटाने लगी थी. काम-काज के साथ साथ वह अपनी पढ़ाई में भी काफी मशगूल रहने लगी थी. मैं उससे एक क्लास आगे था, इसलिए वह मुझसे अपनी पढ़ाई को लेकर बात करती रहती थी और क्लास से मिला अपना होमवर्क भी पूरा करवाने में मेरी मदद लेती थी. बदले में मैं उससे अपने कपड़े धुलवा लेता था तो वह सहजता से मेरे सारे काम कर देती थी. इस तरह की बातों के आगे कोई काम की बात आगे नहीं बढ़ पा रही थी. ऐसे करते-करते एक साल बीत गया. फिर धीरे-धीरे गाड़ी लाइन पर आती दिखाई देने लगी थी. दरअसल हमारे घर रहते हुए ही उसको एक लड़के से प्यार हो गया था. यह बात मुझे पता चली, तो मैंने उससे उसके बारे में पूछा. उसने मुझे सब कुछ बता दिया. एक दिन मम्मी-पापा सब लोग मां के यहां गए थे. मैं और शालिनी घर पर अकेले थे. तभी बाहर से एक खीरा बेचने वाले की आवाज़ आई. मैं गया और 10 रुपये के खीरे ले आया. हम दोनों खीरे काटकर खा रहे थे. तभी शालिनी ने मेरे मुँह में जबरदस्ती खीरा ठूँस दिया. मैंने भी एक दूसरा खीरा लेकर उसके मुँह में ठूँस दिया. मैंने उसके मुँह में खीरा छोड़ दिया, जो उसके मुँह में फंस सा गया था. इस बात से वह नाराज़ हो गई और बोली- बेशर्म कहीं का … शांत रहा कर जरा! उसने खीरा निकाल दिया था और मुझसे नाराज सी हो गई थी. वह खीरा नहीं खा रही थी. मैंने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए और उसके ऊपर लेट गया. फिर मैंने कहा- अगर मेरे हाथ से खीरा नहीं खाओगी, तो मैं तुम्हें किस कर दूँगा! उसने विरोध किया और कहने लग...