कहानी के बारे में
X कामुक कहानी में मैं बहुत हॉट सेक्सी माल हूँ. मेरी ननद सुंदर नहीं है. लड़के वाले उसे देखने आये तो सबकी नजर मेरे बदन पर थी. मैंने भी इसका फ़ाय...
X कामुक कहानी में मैं बहुत हॉट सेक्सी माल हूँ. मेरी ननद सुंदर नहीं है. लड़के वाले उसे देखने आये तो सबकी नजर मेरे बदन पर थी. मैंने भी इसका फ़ायदा उठाकर ननद का रिश्ता तय कर दिया. दोस्तो, मैं मैं एक बार पुनः आपको अपनी सेक्स कहानी में वापस ले चलती हूँ. कहानी के पहले भाग गदराई माल भाभी की ननद का रिश्ता में अब तक आपने पढ़ा था कि मेरी ननद की शादी के लिए उसे देखने उसके होने वाले पति व दोस्त गौतम व जेठ दीपांश ने मुझे सैट करने की कोशिश की. मैं भी राजी हो गई थी. मेरी ननद का होने वाला पति पंकज मुझसे लहरा लहरा कर बात कर रहा था. मैंने उसकी तारीफ की तो वह गदगद हो गया. अब आगे X कामुक कहानी: मैंने कहा- जी शुक्रिया, आप भी काफी हैंडसम हैं. पंकज- जी, ये तो आप हमारे सम्मान में कह रही हैं. मैंने कहा- अरे नहीं-नहीं पंकज जी … सच में! पंकज- अच्छा … तो एक खूबसूरत औरत और एक हैंडसम मर्द इतनी दूर क्यों बैठे हैं? मैंने कहा- अरे अरे पंकज जी, आप मेरे वाले सोफ़े पर आकर बैठ जाइए न … मैं कोई मना कर रही हूँ क्या? मैं जिस सोफ़े पर बैठी थी, वह टू-सीटर सोफ़ा था. मेरे कहते ही पंकज तुरंत आकर मेरे वाले सोफ़े पर बैठ गया जैसे मानो इंतज़ार ही कर रहा था. मैंने कहा- अरे अरे पंकज जी, पहले रिश्ता तो पक्का हो जाने दीजिए! पंकज- रिश्ता तो मैंने आपको देखते ही पक्का कर लिया था. यह बोलकर वह गंदी तरह से मुस्कुरा दिया. मैंने कहा- मुझे देख कर क्यों? मेरी ननद को देख कर कीजिए न! पंकज- अरे उन्हें देख कर क्या करेंगे. जब देखने के लिए आप हैं तो … आखिर साली भी आधी घर वाली होती है! अंजलि- हा हा हा … वह तो साली होती है. मैं तो सलहज हूँ. पंकज मेरी जांघों पर हाथ मारते हुए बोला- साली भी … और सलहज भी होती है. उसका हाथ मेरी जांघों पर लगते ही मुझे एक करंट-सा लगा क्योंकि मैंने इसकी उम्मीद बिल्कुल नहीं की थी. हालाँकि इतने पास बैठकर वह लगातार चिपकने की कोशिश कर रहा था. मैंने हल्का-सा गुस्से वाला मुँह बनाया- पंकज जी, छुआ-छेड़ी शादी के बाद कीजिएगा कंट्रोल कीजिए! मैं मुस्कुरा दी. पंकज- पर आपको देखकर कैसे कंट्रोल हो सकता है भाभी जी. शादी के बाद तो हम छुआ-छेड़ी करेंगे ही करेंगे. मैंने कहा- अच्छा जी तो फिर अभी क्यों कर रहे हैं? हा हा हा! पंकज ने फिर से मेरी जांघों पर हाथ रखा, हल्का-सा दबा दिया और बोला- यह देखने के लिए कि लड़की वालों के पास कितना माल...