कहानी के बारे में
दोस्तो, मेरा नाम अंजलि पांडे है और मेरी पति का नाम सुमित पांडे है। हम लोग हरदोई से हैं। यह मेरी पहली स्टोरी है तो अगर कुछ गलती हो जाए तो माफ...
दोस्तो, मेरा नाम अंजलि पांडे है और मेरी पति का नाम सुमित पांडे है। हम लोग हरदोई से हैं। यह मेरी पहली स्टोरी है तो अगर कुछ गलती हो जाए तो माफ करिएगा। इस कहानी में कुछ ख़ास सेक्स नहीं है पर कहानी कामुक है. मैं बरेली से हूँ, पर मेरी शादी हरदोई में हुई है. मेरी शादी एक जॉइंट फैमिली में हुई है. मेरी शादी को तक़रीबन 12 साल हो चुके हैं. जब मेरी शादी हुई थी, तब मेरी उम्र 22 साल की थी. अब मेरी उम्र 34 साल की है और मेरे दो बच्चे भी हैं. मैं एक बहुत ही खूबसूरत महिला हूँ, ऐसा मुझसे सब लोग कहते हैं. मेरे आस-पड़ोस के लोग, परिवार के लोग, दोस्त, रिश्तेदार सभी मेरी खूबसूरती की प्रशंसा करते हैं. शादी के 12 साल और दो बच्चे होने के बाद भी मेरा शरीर एकदम सुघढ़ है और यह अब पहले से ज़्यादा भर गया है. मेरा साइज़ 36D-32-38 का है. आप किसी भी भोजपुरी हीरोइन को सोच कर मेरे हुस्न का अंदाज लगा सकते हैं. जो भोजपुरी हीरोइन भरे हुए शरीर वाली हो, मैं ठीक वैसे ही लगती हूँ. उदाहरण के तौर पर आप आम्रपाली दुबे के जैसी फिगर को मेरे लिए सोच सकते हैं. मैं मॉडर्न ड्रेस भी पहनती हूँ, लेकिन ज़्यादातर साड़ी ही पहनती हूँ. क्योंकि मुझे लगता है कि मैं साड़ी में बहुत ज़्यादा सेक्सी लगती हूँ. उसमें मेरा फिगर और उभरकर आता है. मुझे साड़ी कमर के नीचे बांधना पसंद है क्योंकि मेरी गदराई हुई कमर हल्की-सी बाहर की ओर लटकती है. गदराई हुई कमर में मेरी गहरी नाभि बहुत ही मनमोहक लगती है. जब मैं चलती हूँ, तो कभी-कभी साड़ी का पल्लू हट जाने के कारण कॉलोनी के मर्द और लड़के अपनी नज़रें नहीं हटा पाते हैं. मेरा ब्लाउज़ भी टाइट रहता है. मैं उसे आगे से डीप और पीछे से बैकलेस बनवाती हूँ, क्योंकि मेरे पति को ऐसे ब्लाउज़ बहुत पसंद हैं. ऐसे ब्लाउज में मेरे कसे हुए मम्मों की कसावट का फायदा सबको देखने मिलता है. मुझे खुद भी किसी के वासना भरी नजरों से देखने से बुरा भी नहीं लगता. मेरी तीन चचेरी ननदें हैं. उनमें से दो ननदों की शादी हो चुकी है और तीसरी को देखने रिश्ते वाले आने वाले थे. मैंने उस दिन एक सुंदर और सेक्सी नेट वाली ब्लू कलर की साड़ी पहनी थी. उसका ब्लाउज़ डीप नेक और बैकलेस था और वह सिर्फ़ दो डोरियों से बंधा हुआ था. मेरी नाभि भी बीच-बीच में पल्लू हटने से दिख जाती थी. सारा कार्यक्रम एक होटल में रखा गया था. वहां सब लोग पहुंच चुके थे. लड़के वालों...