हिमाचल में अनजान पहाड़न की चूत चुदाई- 2 — Hindi audio kahani
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हिमाचल में अनजान पहाड़न की चूत चुदाई- 2

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कहानी के बारे में

होटल Xxx फक कहानी में हिमाचल में बस के सफ़र के दौरान एक भाभी से मुलाकात हुई, उसकी चूत में उंगली की, फिर रामपुर पहुँच कर उसको होटल ले जा कर चो...

📖 Padho — Poori Kahani

होटल Xxx फक कहानी में हिमाचल में बस के सफ़र के दौरान एक भाभी से मुलाकात हुई, उसकी चूत में उंगली की, फिर रामपुर पहुँच कर उसको होटल ले जा कर चोदा. कहानी के पहले भाग चलती बस में अनजान भाभी की चूत में उंगली में आपने पढ़ा कि शिमला से रामपुर जाते हुए बस में मेरे साथ एक किन्नौरी भाभी बैठी थी. मैंने उस पर ट्राई मारी और मेरी उँगलियों से मैंने उसकी चूत का पानी निकाल दिया. फिर मौक़ा मिलते ही मैंने उसे अपने साथ समय बिताने के लिए मना लिया. अब आगे होटल Xxx फक कहानी: मेरे कहने पर उसने अपने पति को भी फ़ोन कर दिया कि गाड़ी का टायर पंचर होने के कारण वह दो घंटे लेट हो जाएगी। मैं ज़्यादातर सतलुज होटल में ही रुकता था। मैंने उसको होटल के बाहर रुकने को बोला और होटल वाले से सेटिंग कर आया ताकि उसकी अपनी पहचान आईडी न देनी पड़े। मैंने रूम की चाबी ली और उसको लेकर उसी होटल रूम में आ गया। रूम का दरवाज़ा खुलते ही हमने राहत की सांस ली। कमरे में हीटर पहले सी चालू था. मैंने अंदर घुसकर जल्दी से दरवाज़ा बंद किया, बैग रखे और एक-दूसरे से लिपटकर पागलों की तरह चूमने लगे। हमारी आँखें बंद थीं। मैंने उसके चेहरे को अपने हाथों में पकड़ रखा था और हमारे होंठ एक-दूसरे में व्यस्त थे। किस करके जब हम दोनों अलग हुए, तो ऐसा लगा जैसे नशा किया हो। सुबह से ही मेरा लंड राजा वैसे ही उफान पर था। टाइम कम था और हमको ‘मिशन चुदाई’ भी कम्पलीट करना था। मैं तौलिया लेकर वाशरूम में चला गया; हाथ, मुँह और लंड को धोया, अपने सारे कपड़े उतार दिए और तौलिया लपेटकर बाहर आ गया। मैंने उसको भी वाशरूम जाने, हाथ-मुँह और चूत को धोने को बोला। सेक्स के दौरान मुझे हाइजीन का ध्यान रहता है। उसने लॉन्ग कोट उतार दिया और हल्के कपड़े पहने। मैंने उसको ऊपर से नीचे तक निहारा, वह गज़ब की सुंदर थी! उसका ध्यान तौलिये में मेरे लंड के उभार पर गया। मैंने सुहागरात वाली फीलिंग लेते हुए उसको बाहों में लिया, अपने सीने से लगाया और हमारे हाथ एक-दूसरे के बदन पर चलने लगे। इसी बीच मेरा तौलिया खुलकर नीचे गिर गया और अब उसने मेरे लंड को देखा, पकड़कर उसकी गर्मी और उभरी हुई नसों को अपनी हथेली से महसूस किया। उसने मुट्ठी में भरकर उसको ऊपर-नीचे किया और ज़ोर से दबा दिया। उसने मेरे लंड से हाथ नहीं हटाए और मेरा लंड उसके कब्जे में था। वह दोनों हाथों से धीरे-धीरे मेरा लंड हिलाने लगी। कभी वह मेरे लंड ...