सहेली की शादी में मिला पहली चुदाई का सुख- 1 — Hindi audio kahani
College

सहेली की शादी में मिला पहली चुदाई का सुख- 1

Pyaar aur junoon

0:00 0:00
Speed:

कहानी के बारे में

फर्स्ट ब्लोजॉब की कहानी में मैं सहेली की शादी में गयी तो उसके भाई से मुलाक़ात हुई. वह मुझे अच्छा लगा. वो मुझे लाइन दे रहा था. मैंने सोचा कि इ...

📖 Padho — Poori Kahani

फर्स्ट ब्लोजॉब की कहानी में मैं सहेली की शादी में गयी तो उसके भाई से मुलाक़ात हुई. वह मुझे अच्छा लगा. वो मुझे लाइन दे रहा था. मैंने सोचा कि इसी से बुर की सील तुड़वाऊँगी. दोस्तो, मेरा नाम निशा है और मैं भोपाल में रहती हूँ. मैं अपने द्वारा रचित एक और सेक्स कहानी शेयर कर रही हूँ, जिसे मैं एक लड़की शिल्पा की दास्तान को बता रही हूँ. ये मेरी दूसरी कहानी है. आपसे उम्मीद है कि पहली सेक्स कहानी मामा के बेटे के साथ हनीमून वाला मजा की तरह ही इस पर भी आप अपना प्यार बरसाएंगे. फर्स्ट ब्लोजॉब की कहानी में पहले मैं आपको अपने यानी शिल्पा के बारे में बताती हूँ. मेरी उम्र 23 साल है. रंग गोरा है. सीने का साइज़ 34 और चूतड़ का साइज़ 36 है. दिखने में न ज़्यादा मोटी हूँ, न पतली. बस ऐसी सीलपैक माल हूँ कि कोई भी लड़का मुझे देखकर लार टपका दे. मेरी फ्रेंड का नाम रिचा है और वह जबलपुर शहर में रहती है. उसने मुझे 2 हफ्ते पहले ही अपने पास बुला लिया ताकि मैं उसे शॉपिंग और बाकी तैयारियों में हेल्प कर सकूँ. उसकी शादी 6 मार्च को थी और मैं 21 फरवरी को वहां पहुंच गई. मेरी फ्रेंड की फैमिली में उसके दो भाई, उसकी मम्मी व पापा हैं. बड़े भाई का नाम विवेक है, उम्र 28 साल. छोटे भाई का नाम विहान है, उम्र 25 साल. दोनों भाई हैंडसम लगते हैं और पर्सनैलिटी भी बहुत अच्छी है. मैं वहां पहुंची तो उनकी फैमिली ने मुझे बहुत प्यार से स्वागत किया. मेरा सामान मेरी फ्रेंड के रूम में ही शिफ्ट करवा दिया. अभी ज़्यादा लोग नहीं आए थे, बस 10-12 लोग ही थे. हम लोग फ्रेश होकर उसके बड़े भाई विवेक के साथ शॉपिंग पर चल दिए. मार्केट में पहुंचकर मुझे याद आया कि मैं जल्दबाज़ी में ब्रा-पैंटी लाना ही भूल गई. मेरी फ्रेंड साड़ी सिलेक्ट कर रही थी तो मैंने सोचा कि मैं तब तक ब्रा-पैंटी लेकर आ जाऊं. मैंने विवेक से कहा- मुझे लौंजरी शॉप पर ले चलो. विवेक मुझे अपनी फ्रेंड रवि की शॉप पर ले गया. मैं लिंगरी पसंद करने लगी. विवेक ने शरारती अंदाज़ में मुझसे कहा- आपको पसंद नहीं आ रही हो तो मैं पसंद करा दूँ? मैंने स्माइल देते हुए बात को नजरअंदाज कर दिया, पर वह मुझे लगातार लाइन दे रहा था. मैंने उस समय इस सब पर गौर नहीं किया. हम लोग शाम तक शॉपिंग करके वापस आ गए. अगले दिन मॉर्निंग में मैंने विवेक को बालकनी में एक्सरसाइज़ करते हुए देखा. उस समय वह शॉर्ट्स और बनियान में ...