सगी भाभी की पैंटी से चूत का सफ़र — Hindi audio kahani
Bhabhi

सगी भाभी की पैंटी से चूत का सफ़र

Dil ki gehraai

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कहानी के बारे में

भाभी पैंटी सेक्स कहानी तब शुरू हुई जब मेरे भाई की शादी हुई. मैं भाभी की पैंटी चूरकर मुठ मारा करता था. लेकिन मेरा मन तो भाभी की चूत में लंड प...

📖 Padho — Poori Kahani

भाभी पैंटी सेक्स कहानी तब शुरू हुई जब मेरे भाई की शादी हुई. मैं भाभी की पैंटी चूरकर मुठ मारा करता था. लेकिन मेरा मन तो भाभी की चूत में लंड पेलने का था. दोस्तो, मेरा नाम पवन है। आज मैं आपको अपनी एक सच्ची घटना इस भाभी पैंटी सेक्स कहानी में बताने जा रहा हूँ। मेरे घर में हम तीन भाई हैं। बीच वाला भाई हमसे अलग रहता है। बड़े भाई हमरे साथ रहते हैं और भाभी भी हमारे साथ रहती हैं। दोस्तो, भाभी जब से शादी करके आई थीं, तब से ही मेरा मन था भाभी की चुदाई करने का। भाभी की उम्र 26 साल थी और मेरी 22 साल। लेकिन दोस्तो, कभी ऐसी बात नहीं हुई कि मैं भाभी की चूत न मार पाऊँ। मैं बस उनकी पैंटी चुरा के मुठ मार देता था। 22 की उम्र में तो लौड़ा वैसे ही पैंट फाड़ता है। ऐसे ही 2 साल निकल गए भाभी की याद में मुठ मारते हुए, भाभी की पैंटी को लौड़े में रगड़ के मुठ मारना। बाद में दोस्तो, मेरी आर्मी में जॉब लग गई। ज्यादा बातचीत नहीं होती थी भाभी से। जॉब के बाद मैं 1 महीना ही घर आता था, वो भी ऐसे ही निकल जाता। अब मेरी उम्र 25 और भाभी 29 की। तब भी भाभी एकदम मस्त माल थीं, साइज़ 34-32-38 का। दोस्तो, आर्मी वाले ड्रिंक तो करते ही हैं। एक दिन मैंने ज्यादा ड्रिंक कर ली। मैंने सोचा कि भाभी से बात करता हूँ। मैंने फोन मिलाया, भाभी ने फोन उठाया। पर मैंने डर के मारे फोन काट दिया। कुछ देर बाद दोबारा फोन मिलाया। ड्रिंक कर रखी थी, नशा था। आज अपने प्यार का इज़हार करने का मन था। मैंने फोन मिलाया, भाभी ने उठाया। मैंने बोला, “हैलो!” उधर से भाभी ने बोला, “हैलो!” दोस्तो, भाभी की आवाज़ सुनके मेरा लौड़ा फड़फड़ा उठा। मैंने बोला, “हैलो, मैं पवन!” भाभी ने बोला, “अच्छा? कौन पवन?” मैंने बोला, “आपका देवर!” भाभी ने बोला, “आज कैसे याद आ गई भाभी की, देवर जी?” दोस्तों, ये भाभी पैंटी सेक्स कहानी पढ़ने के बाद आप पक्का अपना हाथ अपने औज़ार पे ले जाओगे और रजनी भाभी के नाम की मुठ मारोगे! मैंने बोला, “हम तो आपको बहुत याद करते हैं। आप ही नहीं हमारा प्यार कबूल करतीं!” तब भाभी ने बोला, “आप पूरा दिन हमारी पैंटी से खेलते हो, हमसे कहाँ फुरसत होती है आपको!” दोस्तों, ये बात सुनके मैं शरमा गया। फिर मैंने भाभी को अपने दिल की बात बताई कि मैं आपको बहुत पसंद करता हूँ। भाभी ने बोला, “कोई नहीं, जब घर आओगे तब देख लेंगे!” ऐसे ही हमारी बातचीत शुरू हो गई। तब मै...